Jharkhand Life News नई दिल्ली: देश के कई राज्यों में मानसून सक्रिय होने के साथ ही डेंगू और मलेरिया जैसी मच्छरजनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। इसे देखते हुए केंद्र और राज्य सरकारों के स्वास्थ्य विभागों ने निगरानी बढ़ा दी है। जिला प्रशासन, नगर निकायों और स्वास्थ्य अधिकारियों को रोकथाम के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि समय रहते सावधानी नहीं बरती गई, तो आने वाले सप्ताहों में मरीजों की संख्या बढ़ सकती है।
मानसून में क्यों बढ़ जाता है डेंगू और मलेरिया का खतरा?
बारिश के मौसम में घरों, सड़कों, निर्माण स्थलों, कूलर, गमलों और खुले बर्तनों में पानी जमा हो जाता है। यही रुका हुआ पानी मच्छरों के प्रजनन के लिए सबसे उपयुक्त स्थान बन जाता है।
- डेंगू का संक्रमण एडीज एजिप्टी (Aedes aegypti) मच्छर के काटने से फैलता है। यह मच्छर आमतौर पर दिन के समय अधिक सक्रिय रहता है।
- मलेरिया एनोफिलीज (Anopheles) मच्छर के काटने से फैलता है। यह मच्छर मुख्य रूप से शाम और रात के समय काटता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, बदलती जलवायु, अनियमित वर्षा, बढ़ता शहरीकरण और जलभराव की समस्या के कारण अब डेंगू का खतरा केवल मानसून तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कई शहरों में पूरे वर्ष संक्रमण के मामले सामने आते हैं।
सरकार और स्वास्थ्य विभाग ने क्या कदम उठाए हैं?
संक्रमण की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभागों ने कई राज्यों में सतर्कता बढ़ा दी है। प्रमुख कदमों में शामिल हैं—
- सभी जिलों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश।
- सरकारी अस्पतालों में बेड, दवाइयों और जांच किट की उपलब्धता सुनिश्चित करना।
- गांवों और शहरों में फॉगिंग तथा एंटी-लार्वा अभियान चलाना।
- आशा कार्यकर्ताओं और स्वास्थ्य कर्मियों के माध्यम से घर-घर जागरूकता अभियान।
- बुखार के मरीजों की समय पर जांच और उपचार पर विशेष जोर।
- नगर निकायों को जलभराव रोकने और साफ-सफाई बनाए रखने के निर्देश।
डेंगू के प्रमुख लक्षण
यदि किसी व्यक्ति में निम्नलिखित लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए—
- 102–104 डिग्री तक तेज बुखार
- सिरदर्द
- आंखों के पीछे तेज दर्द
- मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द
- त्वचा पर लाल चकत्ते
- मतली या उल्टी
- गंभीर मामलों में प्लेटलेट्स की संख्या कम होना और रक्तस्राव
महत्वपूर्ण: केवल प्लेटलेट्स कम होना ही डेंगू की पहचान नहीं है। डॉक्टर की सलाह के अनुसार NS1 Antigen या अन्य आवश्यक जांच कराना जरूरी है।
मलेरिया के प्रमुख लक्षण
मलेरिया के मरीजों में आमतौर पर ये लक्षण दिखाई देते हैं—
- तेज बुखार के साथ ठंड लगना
- कंपकंपी आना
- अत्यधिक पसीना
- सिरदर्द
- शरीर में कमजोरी
- उल्टी या जी मिचलाना
समय पर इलाज न मिलने पर मलेरिया गंभीर रूप ले सकता है, इसलिए शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
इन लोगों को सबसे ज्यादा खतरा
विशेषज्ञों के अनुसार निम्न वर्गों में संक्रमण का जोखिम अधिक होता है—
- 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चे
- बुजुर्ग
- गर्भवती महिलाएं
- कमजोर प्रतिरक्षा (इम्यूनिटी) वाले लोग
- पहले से गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीज
बचाव के लिए क्या करें?
डेंगू और मलेरिया से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका मच्छरों की संख्या कम करना और उनके काटने से बचना है।
घर में रखें ये सावधानियां
- सप्ताह में कम से कम एक बार कूलर का पानी पूरी तरह बदलें।
- पानी की टंकियों को ढककर रखें।
- गमलों, टायरों, नारियल के खोल और टूटे बर्तनों में पानी जमा न होने दें।
- छत और आसपास जलभराव न होने दें।
- खिड़कियों और दरवाजों पर जाली लगाएं।
व्यक्तिगत सुरक्षा
- पूरी बाजू के कपड़े पहनें।
- मच्छरदानी का उपयोग करें।
- मच्छर भगाने वाली क्रीम या रिपेलेंट लगाएं।
- सुबह और शाम विशेष सावधानी बरतें।
बुखार होने पर क्या करें?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि—
- स्वयं एंटीबायोटिक या अन्य दवाइयां न लें।
- तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या डॉक्टर से संपर्क करें।
- पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थ लें।
- डॉक्टर की सलाह के बिना दर्द निवारक दवाओं का सेवन न करें।
क्या डेंगू एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है?
नहीं। डेंगू और मलेरिया सीधे एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलते। संक्रमण तब होता है जब संक्रमित व्यक्ति को काटने वाला मच्छर किसी दूसरे स्वस्थ व्यक्ति को काटता है।
आम लोगों पर क्या पड़ेगा असर?
यदि समय रहते रोकथाम नहीं की गई, तो अस्पतालों पर मरीजों का दबाव बढ़ सकता है। इसलिए स्वास्थ्य विभाग इलाज के साथ-साथ रोकथाम पर अधिक जोर दे रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि घर और आसपास की सफाई, पानी जमा न होने देना और बुखार होने पर तुरंत जांच कराना संक्रमण को रोकने के सबसे प्रभावी उपाय हैं।
निष्कर्ष
मानसून का मौसम राहत लेकर आता है, लेकिन इसके साथ डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। स्वास्थ्य विभाग की सलाह है कि लोग किसी भी तरह के बुखार को हल्के में न लें, घर के आसपास स्वच्छता बनाए रखें और समय पर चिकित्सा जांच कराएं। थोड़ी-सी सतर्कता न केवल आपको, बल्कि पूरे परिवार और आसपास के लोगों को भी इन गंभीर बीमारियों से सुरक्षित रख सकती है।



