APAAR और ABHA ID निर्माण में तेजी लाने, बिजली-पानी-शौचालय की 100% उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा हर सोमवार समीक्षा बैठक आयोजित करने का निर्देश।
Jharkhand Life News : जिले के उप विकास आयुक्त दीपांकर चौधरी की अध्यक्षता में आंगनवाड़ी केंद्रों की प्रगति, आधारभूत सुविधाओं और पोषण सेवाओं को लेकर जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों, सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों (CDPO) और महिला पर्यवेक्षिकाओं ने भाग लिया।
बैठक के दौरान उप विकास आयुक्त ने सभी महिला पर्यवेक्षिकाओं को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्र के आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों की नियमित उपस्थिति, मॉर्निंग स्नैक, हॉट कुक्ड मील (HCM) तथा प्रारंभिक बाल शिक्षा (ECCE) गतिविधियों का संचालन निर्धारित मानकों के अनुसार सुनिश्चित करें। साथ ही किराये के सभी आंगनवाड़ी केंद्रों में बिजली, पेयजल और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं शत-प्रतिशत उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया।

बानो और जलडेगा परियोजना क्षेत्र के लिए विशेष निर्देश जारी करते हुए कहा गया कि प्रत्येक महिला पर्यवेक्षिका सोमवार तक कम से कम 15 APAAR ID और ABHA ID तैयार कराए। वहीं परियोजना स्तर पर कुल लाभार्थियों के कम से कम 40 प्रतिशत लोगों की APAAR और ABHA ID बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया।
उप विकास आयुक्त ने CDPO सिमडेगा और बानो को निर्देश दिया कि जिन आंगनवाड़ी केंद्रों में Poshan Tracker पर शौचालय, पेयजल और बिजली की स्थिति नकारात्मक दर्ज है, उनकी विस्तृत रिपोर्ट सोमवार तक उपलब्ध कराई जाए। रिपोर्ट में समस्या के कारण और उसके समाधान के लिए की गई कार्रवाई का भी उल्लेख करने को कहा गया।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि अब प्रत्येक सोमवार को सभी CDPO अपने-अपने क्षेत्र की महिला पर्यवेक्षिकाओं के साथ नियमित समीक्षा बैठक करेंगे। बैठक में कम प्रगति वाले संकेतकों की समीक्षा कर सुधारात्मक कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
बैठक में PHED और विद्युत विभाग से प्राप्त केंद्रवार जानकारी के आधार पर Poshan Tracker को शीघ्र अपडेट करने के निर्देश दिए गए। जिन केंद्रों में शौचालय की गुणवत्ता या वर्षा जल संचयन (Rain Water Harvesting) से जुड़ी समस्याएं हैं, उनकी अलग से विस्तृत रिपोर्ट भी सोमवार तक उपलब्ध कराने को कहा गया।
उप विकास आयुक्त ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराने तथा आंगनवाड़ी केंद्रों की आधारभूत सुविधाओं को मजबूत बनाने के लिए सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर प्राथमिकता के आधार पर पूरे किए जाएं।
बैठक में विभिन्न विभागों के कार्यपालक अभियंता, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (CDPO) तथा महिला पर्यवेक्षिकाएं उपस्थित रहीं।



