✍️ विशेष रिपोर्ट: मनोजित कुमार दास
Jharkhand Life News| नई दिल्ली/रांची: झारखंड और पश्चिम बंगाल में अवैध कोयला खनन और तस्करी के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों ने बड़ी कार्रवाई की है। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने पांच दिनों तक चले विशेष अभियान के दौरान 428 मीट्रिक टन से अधिक अवैध कोयला बरामद किया है। यह कार्रवाई कोयला चोरी और अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए चलाए जा रहे व्यापक अभियान का हिस्सा है।
पांच दिन तक चला विशेष अभियान
अधिकारियों के अनुसार, यह अभियान 5 जुलाई से 10 जुलाई के बीच चलाया गया। अभियान के दौरान CISF की विशेष टीमों और क्विक रिएक्शन टीम (QRT) ने झारखंड और पश्चिम बंगाल के कई कोयला क्षेत्रों में लगातार तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान कई स्थानों से अवैध रूप से निकाला गया और जमा किया गया कोयला बरामद किया गया।
अवैध खनन पर कड़ा रुख
हाल के दिनों में धनबाद और आसपास के क्षेत्रों में अवैध कोयला खनन और चोरी के मामलों को लेकर केंद्र सरकार ने चिंता जताई थी। इसके बाद सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और अवैध गतिविधियों पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश दिए गए। इसी क्रम में संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई गई और संयुक्त अभियान शुरू किया गया।
क्यों अहम है यह कार्रवाई?
झारखंड और पश्चिम बंगाल देश के प्रमुख कोयला उत्पादक क्षेत्रों में शामिल हैं। अवैध खनन से सरकार को राजस्व का नुकसान होने के साथ-साथ खदानों की सुरक्षा और स्थानीय कानून-व्यवस्था पर भी असर पड़ता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण से सरकारी संसाधनों की सुरक्षा और वैध खनन व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
सूत्रों के अनुसार, सुरक्षा एजेंसियां आने वाले दिनों में भी ऐसे अभियान जारी रखेंगी। संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाई जा रही है और अवैध खनन तथा कोयला तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
निष्कर्ष
428 मीट्रिक टन अवैध कोयले की बरामदगी इस बात का संकेत है कि अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई तेज हो रही है। अब यह देखना होगा कि लगातार चल रहे अभियानों से कोयला चोरी और तस्करी पर कितनी प्रभावी रोक लग पाती है।




