Jharkhand Life News धनबाद/सिंदरी: झारखंड राज्य खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग के सचिव के आदेश के बाद जीएसएफसी से जुड़े मजदूरों के बीच रोजगार को लेकर चिंता बढ़ गई है। मजदूरों का कहना है कि अगस्त 2026 से खाद्यान्न की आपूर्ति भारतीय खाद्य निगम (FCI) के गोदाम से सीधे जन वितरण प्रणाली (PDS) दुकानों तक किए जाने की योजना है, जिससे वर्षों से काम कर रहे मजदूरों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो सकता है।
इसी मुद्दे को लेकर जीएसएफसी के मजदूरों ने माननीय मथुरा प्रसाद महतो जी के अनुज बसंत कुमार महतो जी को मांग पत्र सौंपा। मजदूरों ने अपनी समस्याओं से अवगत कराते हुए रोजगार सुरक्षित रखने और उचित समाधान की मांग की।
मजदूरों के अनुसार बरमसिया, भागा, कांडरा, बाघमारा और सिंदरी क्षेत्र के करीब 200 मजदूर पिछले तीन पीढ़ियों से लगभग 50 वर्षों से खाद्यान्न आपूर्ति से जुड़े कार्यों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उनका कहना है कि नई व्यवस्था लागू होने से उनके परिवारों की आजीविका प्रभावित हो सकती है।
मजदूरों ने मांग की है कि किसी भी नई व्यवस्था को लागू करने से पहले वर्षों से कार्यरत मजदूरों के हितों को ध्यान में रखा जाए और उनके रोजगार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
वहीं, बसंत कुमार महतो जी ने मजदूरों को आश्वासन दिया कि वे इस मामले को झारखंड राज्य खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग के सचिव के समक्ष रखेंगे और जल्द से जल्द समाधान निकालने का प्रयास करेंगे।
मजदूरों की प्रमुख मांगें:
- वर्षों से कार्यरत मजदूरों का रोजगार सुरक्षित किया जाए।
- नई खाद्यान्न आपूर्ति व्यवस्था में मजदूरों के हितों का ध्यान रखा जाए।
- विभाग और मजदूर प्रतिनिधियों के बीच बातचीत कर स्थायी समाधान निकाला जाए।
रिपोर्ट: पत्रकार अंग्रेज दास



