Jharkhand Life News देवघर: विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 2026 को लेकर देवघर जिला प्रशासन ने सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधाओं की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। सावन के पावन महीने में बाबा बैद्यनाथ धाम में देशभर से लाखों कांवरियों और श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को पहले से अधिक मजबूत किया गया है। प्रशासन का कहना है कि इस बार मेले को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए बहुस्तरीय सुरक्षा योजना लागू की गई है।
क्या हैं प्रमुख सुरक्षा इंतजाम?
- NSG का सुरक्षा ऑडिट: राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) की एंटी-टेरर टीम ने मंदिर परिसर और आसपास के संवेदनशील इलाकों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का आकलन किया।
- हजारों सुरक्षाकर्मी तैनात: मंदिर परिसर, क्यू कॉम्प्लेक्स, शिवगंगा, प्रमुख मार्गों और मेला क्षेत्र में पुलिस, मजिस्ट्रेट, होमगार्ड और अन्य सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।
- CCTV और ड्रोन से निगरानी: पूरे मेला क्षेत्र की निगरानी हाई-रिजॉल्यूशन CCTV कैमरों, ड्रोन कैमरों और आधुनिक कंट्रोल रूम से की जाएगी।
- बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वायड: किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए बम निरोधक दस्ता, डॉग स्क्वायड और क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) को अलर्ट पर रखा गया है।
- 24×7 मेडिकल सुविधा: स्वास्थ्य शिविर, एम्बुलेंस, डॉक्टरों की टीम और इमरजेंसी मेडिकल सेवाएं चौबीसों घंटे उपलब्ध रहेंगी।
- श्रद्धालुओं के लिए विशेष सुविधाएं: पेयजल, शौचालय, विश्राम स्थल, हेल्प डेस्क, सूचना केंद्र और ट्रैफिक प्रबंधन की विशेष व्यवस्था की गई है।
- भीड़ नियंत्रण: लंबी कतारों को व्यवस्थित रखने के लिए बैरिकेडिंग, अलग प्रवेश और निकास मार्ग तथा डिजिटल मॉनिटरिंग की व्यवस्था की गई है।
हर साल लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं
श्रावणी मेले के दौरान देश के विभिन्न राज्यों से श्रद्धालु बिहार के सुल्तानगंज से लगभग 105 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर गंगाजल लेकर बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचते हैं और भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं। यह देश के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक माना जाता है।
प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, अफवाहों से बचें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस या कंट्रोल रूम को दें। प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं।



