Jharkhand Life News रांची | प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में देरी और युवाओं के भविष्य को लेकर बढ़ती नाराजगी के बीच रविवार (12 जुलाई) को राजधानी रांची की सड़कें छात्रों की आवाज से गूंज उठीं। नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) और भारतीय युवा कांग्रेस ने ‘छात्रों की गूंज’ अभियान के तहत 5 किलोमीटर की मैराथन निकालकर केंद्र सरकार और परीक्षा व्यवस्था पर तीखा हमला बोला।
मोराबादी मैदान स्थित बापू वाटिका से शुरू हुई इस मैराथन को NSUI के राष्ट्रीय प्रभारी कन्हैया कुमार और भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसमें रांची समेत झारखंड के कई जिलों से बड़ी संख्या में छात्र, प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थी और युवा कार्यकर्ता शामिल हुए।
“पेपर लीक नहीं, शिक्षा न्याय चाहिए”
मैराथन के दौरान छात्रों के हाथों में तख्तियां थीं और पूरे रास्ते “पेपर लीक बंद करो”, “युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ बंद करो” जैसे नारे गूंजते रहे। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वर्षों की मेहनत के बाद भी बार-बार पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने से लाखों युवाओं का भविष्य अधर में लटक जाता है।
सरकार के सामने रखीं तीन बड़ी मांगें
आंदोलन के दौरान कांग्रेस और छात्र संगठनों ने तीन प्रमुख मांगें रखीं—
- पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई।
- परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित बनाया जाए।
- समयबद्ध राष्ट्रीय एकेडमिक और जॉब कैलेंडर लागू कर परीक्षाओं, परिणाम और नियुक्तियों की निश्चित समय-सीमा तय की जाए।
कन्हैया कुमार का सरकार पर हमला
सभा को संबोधित करते हुए कन्हैया कुमार ने कहा कि यह केवल एक मैराथन नहीं, बल्कि उन लाखों युवाओं की आवाज है जिनके सपनों पर बार-बार पेपर लीक और भर्ती घोटाले चोट कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा व्यवस्था में लगातार सामने आ रही गड़बड़ियों से छात्रों का भरोसा कमजोर हुआ है और जवाबदेही तय होनी चाहिए।
युवा कांग्रेस ने कहा— भविष्य से खिलवाड़ नहीं चलेगा
युवा कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु चिब ने कहा कि मेहनत करने वाले युवाओं को बार-बार निराशा झेलनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष परीक्षा और समय पर रोजगार युवाओं का अधिकार है और इसके लिए संघर्ष जारी रहेगा।
डिजिटल अभियान भी हुआ शुरू
मैराथन के साथ ‘पेपर लीक नहीं, शिक्षा न्याय चाहिए’ अभियान भी शुरू किया गया। मिस्ड कॉल और QR कोड के माध्यम से छात्रों को इस अभियान से जोड़ने की पहल की गई।
शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ कार्यक्रम
पूरी मैराथन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। कार्यक्रम के दौरान विजेताओं के लिए नकद पुरस्कार और ट्रॉफी की भी व्यवस्था की गई। आयोजकों ने कहा कि यह अभियान केवल रांची तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि देशभर में छात्रों के मुद्दों को लेकर आगे भी आंदोलन जारी रहेगा।




