Jharkhand Life News देवघर। विश्व प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ धाम देवघर में आने वाले समय में एक नए और भव्य स्वरूप में नजर आ सकता है। श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या और बेहतर सुविधा को देखते हुए मंदिर परिसर के आसपास करीब 30 एकड़ क्षेत्र में आधुनिक कॉरिडोर विकसित करने की योजना तैयार की गई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का मास्टर प्लान एनआईटी पटना के द्वारा तैयार किया गया है।
चरणबद्ध तरीके से विकास

प्रस्तावित योजना के तहत बाबा बैद्यनाथ मंदिर के आसपास के पूरे क्षेत्र का चरणबद्ध तरीके से विकास किया जाएगा। पहले चरण में लगभग 30 एकड़ क्षेत्र को धार्मिक और सांस्कृतिक स्वरूप के अनुरूप विकसित किया जाएगा। योजना का सबसे प्रमुख हिस्सा करीब 750 मीटर लंबा “कोर हेरिटेज जोन” होगा, जहां किसी भी प्रकार के वाहन के प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। इस क्षेत्र में केवल पैदल श्रद्धालु के आवागमन का अनुमति होगा, जिससे दर्शन व्यवस्था अधिक सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनेगी।
कॉरिडोर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए चौड़े पैदल मार्ग, आकर्षक प्रवेश द्वार, विश्राम स्थल, बैठने की व्यवस्था, हरित क्षेत्र, आधुनिक प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, शौचालय, सुरक्षा व्यवस्था और दिशा-निर्देश संबंधी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। साथ ही दिव्यांगजन और बुजुर्ग श्रद्धालुओं की सुविधाओं का भी विशेष ध्यान रखा जाएगा।
योजना के अगले चरण में शिवगंगा, मानसरोवर और आसपास के धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों का व्यापक सौंदर्यीकरण किया जाएगा। जिससे उनका आकर्षण और बढ़ेगा इन स्थानों को धार्मिक पर्यटन के अनुरूप विकसित कर एक समग्र तीर्थ परिसर का स्वरूप देने की तैयारी है। इससे श्रद्धालुओं को एक ही परिसर में बेहतर आध्यात्मिक वातावरण और आधुनिक सुविधाओं का लाभ मिलेगा।
इस परियोजना के पूरा होने के बाद बाबा बैद्यनाथ धाम की पहचान केवल एक प्रमुख ज्योतिर्लिंग के रूप में ही नहीं, बल्कि देश के सबसे आधुनिक और सुव्यवस्थित धार्मिक परिसरों में भी होगी। इससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और देवघर की आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।




