Jharkhand Life Newsलखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने नए शैक्षणिक सत्र को ध्यान में रखते हुए 1 जुलाई से 15 जुलाई 2026 तक ‘स्कूल चलो अभियान’ के दूसरे चरण की शुरुआत कर दी है। इस अभियान का उद्देश्य प्रदेश के ऐसे सभी बच्चों को स्कूल तक पहुंचाना है, जो अभी तक नामांकित नहीं हैं या किसी कारणवश पढ़ाई बीच में छोड़ चुके हैं।
मुख्य बातें

● हर बच्चे तक पहुंचने की कोशिश
शिक्षा विभाग की टीमें गांव, कस्बों और शहरों में घर-घर जाकर ऐसे बच्चों की पहचान कर रही हैं, जो स्कूल से बाहर हैं। विशेष ध्यान गरीब परिवारों, मजदूरों के बच्चों और बालिकाओं पर दिया जा रहा है।
● स्कूलों में स्वागत का माहौल
नए सत्र की शुरुआत को यादगार बनाने के लिए कई सरकारी स्कूलों में बच्चों का स्वागत तिलक लगाकर किया गया। उन्हें किताबें, स्कूल बैग, यूनिफॉर्म और अन्य जरूरी शैक्षणिक सामग्री भी उपलब्ध कराई जा रही है।
● सरकार की प्राथमिकता
सरकार का कहना है कि केवल बच्चों का दाखिला कराना ही उद्देश्य नहीं है, बल्कि उन्हें नियमित रूप से पढ़ाई से जोड़कर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना भी उतना ही जरूरी है। इसी दिशा में सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने का काम भी जारी है।
● जनता से भी सहयोग की अपील
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अभिभावकों, शिक्षकों और समाज के सभी लोगों से अपील की है कि यदि उनके आसपास कोई बच्चा स्कूल नहीं जा रहा है तो उसे शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने में सहयोग करें।
● विपक्ष ने उठाए सवाल
विपक्षी दलों का कहना है कि प्रदेश के कई स्कूलों में अभी भी शिक्षकों की कमी और बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। उनका मानना है कि नामांकन अभियान के साथ-साथ शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर भी समान रूप से ध्यान देने की जरूरत है।
क्या है अभियान का उद्देश्य?
सरकार चाहती है कि प्रदेश का कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। इसी सोच के साथ अगले 15 दिनों तक विशेष अभियान चलाकर अधिक से अधिक बच्चों का स्कूलों में नामांकन कराया जाएगा और जो बच्चे पढ़ाई छोड़ चुके हैं, उन्हें दोबारा विद्यालय से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।




