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झारखंड में वोटर लिस्ट का महाअभियान शुरू: घर-घर पहुंच रहे BLO, जानिए किसे देना होगा दस्तावेज और किनके नाम कट सकते हैं

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  • ✍️ विशेष रिपोर्ट: मनोजित कुमार दास


Jharkhand Life News रांची | झारखंड में मतदाता सूची को पूरी तरह शुद्ध और अद्यतन बनाने के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR 2026) अभियान तेज़ी से चल रहा है। इस अभियान के तहत बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) राज्यभर में घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन कर रहे हैं और इन्यूमरेशन फॉर्म भरवा रहे हैं।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को पूरी तरह पारदर्शी, त्रुटिरहित और अद्यतन बनाना है, ताकि केवल पात्र मतदाताओं के नाम ही सूची में शामिल रहें।

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अभियान का पूरा कार्यक्रम

निर्वाचन आयोग ने इस विशेष अभियान के लिए स्पष्ट समय-सीमा तय की है।

प्रमुख तिथियां

🗓️ 30 जून से 29 जुलाई 2026

  • घर-घर जाकर BLO द्वारा सर्वे
  • इन्यूमरेशन फॉर्म का वितरण और संग्रह

🗓️ 5 अगस्त 2026

  • प्रारंभिक (Draft) मतदाता सूची का प्रकाशन

🗓️ 7 अक्टूबर 2026

  • दावे और आपत्तियों के निपटारे के बाद अंतिम मतदाता सूची जारी

कितने मतदाता मैप्ड और कितने अन-मैप्ड?

इस बार निर्वाचन आयोग डिजिटल रिकॉर्ड का मिलान भी कर रहा है।

अब तक की स्थिति

82.11 प्रतिशत मतदाता मैप्ड

  • लगभग 1.75 करोड़ से अधिक मतदाताओं का रिकॉर्ड पहले से उपलब्ध डेटा से सफलतापूर्वक मिल चुका है।

⚠️ 47,35,409 मतदाता अभी भी अन-मैप्ड

  • इन मतदाताओं का रिकॉर्ड अभी सत्यापित होना बाकी है।
  • आयोग ने अन-मैप्ड मतदाताओं की सूची अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराई है।

किसे दस्तावेज देना होगा?

निर्वाचन आयोग के अनुसार—

  • जिन मतदाताओं का रिकॉर्ड पहले से मैप्ड है, उन्हें सामान्यतः अतिरिक्त दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी।
  • अन-मैप्ड मतदाताओं को अपनी पहचान और वर्तमान पते से जुड़े आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे ताकि उनका सत्यापन पूरा किया जा सके।

किन लोगों के नाम हट सकते हैं?

मतदाता सूची को साफ और सटीक बनाने के लिए पांच प्रकार के रिकॉर्ड की विशेष जांच की जा रही है।

इनमें शामिल हैं—

  • मृत मतदाता
  • एक से अधिक जगह नाम दर्ज होने वाले मतदाता
  • स्थायी रूप से दूसरे स्थान पर जा चुके लोग
  • लंबे समय से अनुपस्थित मतदाता
  • गलत जानकारी देने या फॉर्म पूरा नहीं करने वाले मामले

यदि जांच में जानकारी सही नहीं पाई जाती है, तो संबंधित नामों पर नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।


मुख्यमंत्री और राज्यपाल ने भी दिया संदेश

इस अभियान में आम लोगों की भागीदारी बढ़ाने के लिए झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी अपने-अपने आवास पर BLO के सामने इन्यूमरेशन फॉर्म भरकर जमा किया।

दोनों ने नागरिकों से समय पर फॉर्म भरने और सही जानकारी देने की अपील की।


मतदाताओं के लिए जरूरी सलाह

निर्वाचन विभाग ने लोगों से कहा है कि फॉर्म भरते समय केवल वर्तमान और सही जानकारी ही दर्ज करें।

यदि आधार कार्ड, राशन कार्ड या किसी अन्य दस्तावेज में पुरानी जानकारी दर्ज है, तो उसी के आधार पर गलत विवरण भरने से बचें। भविष्य में सभी रिकॉर्ड डिजिटल रूप से सत्यापित किए जाएंगे।


क्यों महत्वपूर्ण है यह अभियान?

विशेष गहन पुनरीक्षण का उद्देश्य आगामी चुनावों से पहले मतदाता सूची को पूरी तरह सटीक बनाना है, ताकि फर्जी, डुप्लीकेट और अपात्र नाम हटाए जा सकें तथा प्रत्येक पात्र नागरिक को मतदान का अधिकार सुनिश्चित किया जा सके।

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