Jharkhand Life News हेल्थ डेस्क। पहले हार्ट अटैक को बढ़ती उम्र की बीमारी माना जाता था, लेकिन अब 25 से 45 वर्ष के युवाओं में भी इसके मामले तेजी से सामने आ रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार बदलती जीवनशैली, बढ़ता तनाव, अनियमित खानपान और शारीरिक गतिविधियों की कमी इसके प्रमुख कारण हैं। कई बार लोग शुरुआती संकेतों को सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे स्थिति गंभीर हो जाती है।
कम उम्र में हार्ट अटैक बढ़ने के 10 प्रमुख कारण
- लगातार तनाव और मानसिक दबाव – लंबे समय तक तनाव रहने से रक्तचाप और हृदय पर दबाव बढ़ता है।
- जंक फूड और असंतुलित आहार – अधिक तेल, नमक, चीनी और प्रोसेस्ड फूड धमनियों को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
- शारीरिक गतिविधियों की कमी – घंटों बैठकर काम करने और व्यायाम न करने से हृदय कमजोर हो सकता है।
- धूम्रपान और तंबाकू का सेवन – इससे रक्त वाहिकाएं संकरी होती हैं और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है।
- अत्यधिक शराब का सेवन – लगातार अधिक शराब पीने से हृदय और रक्तचाप दोनों प्रभावित होते हैं।
- मोटापा और बढ़ता वजन – अधिक वजन हृदय पर अतिरिक्त दबाव डालता है।
- उच्च रक्तचाप और मधुमेह – इन बीमारियों को नियंत्रित न करने पर हृदय रोग का खतरा बढ़ जाता है।
- खराब नींद – रोजाना पर्याप्त और अच्छी नींद न मिलने से हृदय पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।
- परिवार में हृदय रोग का इतिहास – यदि परिवार में किसी को कम उम्र में हृदय रोग रहा है तो जोखिम बढ़ सकता है।
- कोलेस्ट्रॉल का बढ़ना – खराब कोलेस्ट्रॉल धमनियों में रुकावट पैदा कर सकता है।
हार्ट अटैक के शुरुआती संकेत
- सीने में तेज दर्द या दबाव महसूस होना
- दर्द का कंधे, हाथ, गर्दन या जबड़े तक फैलना
- अचानक सांस फूलना
- ठंडा पसीना आना
- चक्कर आना या कमजोरी महसूस होना
- मतली या बेचैनी होना
इन लक्षणों को हल्के में लेना खतरनाक हो सकता है। ऐसी स्थिति में तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचना चाहिए।
कैसे करें बचाव?
- रोज कम से कम 30 मिनट पैदल चलें या व्यायाम करें।
- संतुलित और पौष्टिक भोजन करें।
- धूम्रपान और तंबाकू से पूरी तरह दूरी बनाएं।
- तनाव कम करने के लिए योग और ध्यान करें।
- 7 से 8 घंटे की अच्छी नींद लें।
- नियमित रूप से ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल की जांच कराते रहें।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं?
हृदय रोग विशेषज्ञों का कहना है कि हार्ट अटैक केवल बुजुर्गों की बीमारी नहीं रह गई है। यदि कम उम्र में भी सीने में दर्द, सांस लेने में तकलीफ या अन्य संदिग्ध लक्षण दिखाई दें तो उन्हें नजरअंदाज न करें। समय पर जांच और उपचार से गंभीर खतरे को काफी हद तक टाला जा सकता है।
निष्कर्ष: स्वस्थ जीवनशैली अपनाना, नियमित व्यायाम करना, संतुलित भोजन लेना और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराना ही कम उम्र में बढ़ रहे हार्ट अटैक के खतरे से बचने का सबसे प्रभावी तरीका माना जाता है।




