34.9 C
Ranchi
Sunday, March 30, 2025
Contact: info.jharkhandlife@gmail.com
spot_img
HomeBlogबुद्धि विरोधी दुनिया और कृत्रिम बुद्धिमता- राकेश कायस्थ

बुद्धि विरोधी दुनिया और कृत्रिम बुद्धिमता- राकेश कायस्थ

spot_img

जिस समय दुनिया के एक बड़े हिस्से में “बुद्धि विरोधी जनांदोलन” अपने चरम पर हैं, उसी वक्त कृत्रिम बुद्धि का महाविस्फोट हुआ है। यह बर्फ से ढंके किसी ग्रह का सूर्य सरीखे किसी आग के गोले से जा टकराने जैसा मामला है। इसके परिणाम को व्यक्त करने के लिए अंग्रेजी का शब्द Disruption भी मेरे हिसाब से नाकाफी है।

पोस्ट ट्रूथ शब्द पिछले दस-बारह साल में दुनिया भर के बौद्धिक तबके में सबसे ज्यादा प्रयुक्त होनेवाला शब्द है। आसान भाषा में पोस्ट ट्रूथ का मतलब ये है कि हम उसी बात को तथ्य मान लेते हैं, जिससे हमारा अहं और हमारी भावनाएं तुष्ट होती हैं, या जिससे हमारी धारणा या पूर्वाग्रहों की पुष्टि होती है। मन जो कहता है, वही दिखाई भी देने लगता है, भले असल में हो या ना हो।

Follow WhatsApp Channel Follow Now
Follow Telegram Channel Follow Now

मान लीजिये अरहर की दाल 400 रुपये किलो हो गई। जनता त्राहि-त्राहि कर रही है लेकिन लोगों में जादुई असर रखने वाले किसी नेता ने कह दिया कि अरहर की दाल खाने से बुद्धि कुंद होती है। जनता एक बड़ा हिस्सा चुपचाप ये मान लेगा कि हमारे नेता कहा है, तो ठीक ही कहा होगा।

दुनिया में हमेशा से बड़ी तादाद ऐसे लोगों की रही है, जिन्हें सोचने में बहुत कठिनाई होती है। अपने परिवार, रिश्तेदार या दफ्तर में देख लीजिये। ऐसे लोग बहुतायत में मिल जाएंगे जिनके सामने कोई जटिल प्रश्न रखा जाये तो दो-चार मिनट में वो झल्ला जाते हैं, उनका रियेक्शन होता है “बातों की जलेबी मत बनाओ, गोल-गोल मत घुमाओ, सीधे बताओ करना क्या है।“

अगर आप उन्हें कहेंगे कि सारी चीज़ें सीधी नहीं होती हैं, कुछ चीज़ें जटिल भी होती हैं, तो वो आप पर और नाराज़ होंगे। आप उन्हें नहीं समझा सकते कि अगर हर चीज़ बहुत सरल होती तो दुनिया का हर आदमी अपना डॉक्टर खुद होता, किसी विशेषज्ञ की ज़रूरत कही नहीं होती। ना तो विज्ञान और दर्शन जैसे विषय होते और ना ही मानव जाति के शब्दकोश में किंतु-परंतु जैसे शब्द होते।

किसी मूर्ख से आप जितना कहेंगे कि सबकुछ सीधा नहीं होता, उसका अविश्वास आप पर उतना ही बढ़ता चला जाएगा। फिर वह अपने जैसे लोग ढूंढेगा, दोनों मिलकर आपको लानते भेजेंगे। फिर यह संख्या दो से चार होगी, चार से आठ। लोग मिलते जाएंगे और कारंवा बनता जाएगा और फिर एक ऐसा आदमी अवतरित होगा जिनमें ये तमाम लोग अपनी छवि देखेंगे और जनांदोलन बनी संगठित मूर्खता, क्रांति बनकर किसी महानायक के नेतृत्व वाली सरकार में तब्दील हो जाएगी।

21वीं सदी के शुरुआती 25 साल मूर्खता के महाविस्फोट से पैदा हुई क्रांतियों के नाम रही है, जिन्हें आम भाषा में लोकतांत्रिक सरकार भी कहते हैं। इन सरकारों ने और कुछ किया ना किया हो वैसे लोगों को एक नई आइडेंटिटी दी है, जिन्हें सोचने समझने में खासी तकलीफ होती थी।

इन लोगों के नेताओं ने उन्हें बार-बार आश्वस्त किया है कि शारीरिक या आर्थिक कष्ट जितना भी हो, उनके दिमागी आराम में कोई खलल नहीं पड़ेगा। मूर्खों के दिमाग़ को दुनिया का सबसे कीमती खजाना मानकर नेता रात-दिन उनकी रक्षा में जुटे हैं। चाहे कुछ भी हो जाये लेकिन बाहर से कोई संक्रमण ना आने पाये।

सबकुछ बढ़िया चल रहा था लेकिन अचानक कृत्रिम बुद्धि आ गई। एआई नाम का यह प्राणी ईश्वर की तरह अदृश्य है लेकिन जब भी याद करो आपकी स्क्रीन पर आ जाता है और अधिकतम और लगभग शत-प्रतिशत सत्य बातें बताता है। उसे जो पता नहीं होता है, कह देता है कि मैं अभी सीख रहा हूं।

एआई मानव मष्तिष्क को उद्देलित कर रहा है। वह बार-बार कह रहा है, तुम एक मनुष्य हो, तुम्हारा काम सोचना है। जब दिमाग है तो इस्तेमाल क्यों नहीं करते?

“हम जितना जानते जाते हैं, उतना ही हमें यह पता चलता जाता है कि हम कितना कम जानते हैं।“ इस मूल स्थापना को एआई सच साबित कर रहा है। जो लोग कुछ सोचते हैं, एआई ने उन्हें सोचने की इतनी सामग्री दे रहा है कि विचार करते और समझते पूरी जिंदगी निकल जाये। लेकिन मेरी चिंता दूसरी है।

बुद्धि विरोधी जनांदोलनों से पैदा हुए महामानवों का क्या होगा? जो निष्क्रिष्य दिमाग उनका सबसे बड़ा खज़ाना रहे हैं, उनकी हिफाजत एआई के आने के बाद महामानव कैसे कर पाएंगे? कैसे राजनेता ये सुनिश्चित कर पाएंगे कि पोस्ट ट्रूथ का तिलिस्म बरकरार रहे और सुनामी बनकर आ रहा सत्य इसे उड़ा ना ले जाये? एआई निकट भविष्य में कुछ करे या ना करे लेकिन आधी से ज्यादा मूढ़ आबादी को किंकर्त्व्यविमूढ़ जरूर कर देगा।

Follow WhatsApp Channel Follow Now
Follow Telegram Channel Follow Now
spot_img
राकेश कायस्थ
राकेश कायस्थ
Media professional by occupation writer by heart

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

--Advertisement--spot_img

Latest News

spot_img
Floating WhatsApp Button WhatsApp Icon