Jharkhand Life News मुंबई: महाराष्ट्र में मानसून ने विकराल रूप ले लिया है। मुंबई, ठाणे, पालघर और रायगढ़ समेत कई जिलों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। भारी बारिश, जलभराव, इमारत ढहने, पेड़ गिरने और भूस्खलन की घटनाओं के बीच अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है। प्रशासन ने कई इलाकों में रेड अलर्ट जारी करते हुए स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए हैं, जबकि रेलवे और हवाई सेवाएं भी गंभीर रूप से प्रभावित हुई हैं।
मुंबई में रिकॉर्ड बारिश
पिछले 24 घंटों में मुंबई के कई इलाकों में 150 से 170 मिमी तक बारिश दर्ज की गई। मुंबई शहर में 265.6 मिमी और उपनगरों में 227.7 मिमी बारिश हुई। पिछले चार दिनों में ही जुलाई महीने की औसत बारिश का लगभग 74 से 80 प्रतिशत हिस्सा दर्ज हो चुका है।
वहीं पालघर के वसई-विरार में 335 मिमी और महाबलेश्वर में 513 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई, जिससे कई इलाके जलमग्न हो गए।

13 लोगों की मौत, कई हादसे
बारिश से जुड़े हादसों में अब तक 13 लोगों की जान जा चुकी है। सबसे बड़ा हादसा मुंबई के मानखुर्द में हुआ, जहां तीन मंजिला चॉल गिरने से 5 बच्चों और 1 महिला सहित 6 लोगों की मौत हो गई।
इसके अलावा पेड़ गिरने, करंट लगने और खुले मैनहोल में गिरने जैसी घटनाओं में भी कई लोगों की जान गई है।
रेल और फ्लाइट सेवाएं बुरी तरह प्रभावित
मुंबई-पुणे रेल मार्ग पर कर्जत और लोनावला के बीच भूस्खलन के कारण रेल यातायात ठप हो गया है। 80 से अधिक लंबी दूरी की ट्रेनों को रद्द, डायवर्ट या शॉर्ट टर्मिनेट किया गया है।
मुंबई और गोवा की कई उड़ानें भी खराब मौसम और कम दृश्यता के कारण प्रभावित हुई हैं।
स्कूल बंद, वर्क फ्रॉम होम की सलाह
भारी बारिश को देखते हुए मुंबई, ठाणे, पालघर और पुणे के सभी स्कूल-कॉलेजों में छुट्टी घोषित की गई है। राज्य सरकार ने निजी कार्यालयों को वर्क फ्रॉम होम लागू करने की सलाह दी है, जबकि बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने रेड अलर्ट के दौरान ऊंचाई वाले सभी निर्माण कार्यों पर रोक लगा दी है।
प्रशासन की अपील
प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, समुद्र तटों और जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने तथा मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की अपील की है।




