Jharkhand Life News देवघर: झारखंड के देवघर जिले के सोनारायठाढ़ी प्रखंड के जरका चंदना गांव में स्थित करीब 70 वर्ष पुराने राजकीयकृत मध्य विद्यालय, चंदना पर प्रशासन ने न्यायालय के आदेश के अनुपालन में ताला लगा दिया है। रविवार को पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में विद्यालय भवन को खाली कराकर सील कर दिया गया। इस कार्रवाई के बाद गांव में चिंता का माहौल है, क्योंकि यहां पढ़ने वाले करीब 300 विद्यार्थियों की पढ़ाई पर संकट खड़ा हो गया है।
20 साल पुराने भूमि विवाद का नतीजा
जानकारी के अनुसार, जिस जमीन पर विद्यालय बना हुआ है, उस पर पिछले लगभग 20 वर्षों से भूमि स्वामित्व को लेकर न्यायालय में विवाद चल रहा था। एक स्थानीय रैयत ने जमीन पर अपना दावा करते हुए मुकदमा दायर किया था। लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद न्यायालय ने डिक्रीधारक के पक्ष में फैसला सुनाया। इसके बाद जिला प्रशासन ने कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए विद्यालय भवन को खाली कराकर सील कर दिया।
300 बच्चों की पढ़ाई और मिड-डे मील पर असर
विद्यालय बंद होने से यहां पढ़ने वाले लगभग 300 विद्यार्थियों की पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित हो गई है। साथ ही मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) योजना भी फिलहाल बंद हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि यह इलाके का प्रमुख सरकारी विद्यालय है और आसपास कोई ऐसा विद्यालय नहीं है, जहां सभी बच्चों को आसानी से समायोजित किया जा सके। ऐसे में छोटे बच्चों को दूसरे गांव जाकर पढ़ाई करनी पड़ सकती है।
ग्रामीणों की प्रशासन से अपील
घटना के बाद अभिभावकों और ग्रामीणों ने जिला प्रशासन तथा शिक्षा विभाग से मांग की है कि बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो। उन्होंने जल्द से जल्द वैकल्पिक भवन उपलब्ध कराने, नई जमीन पर विद्यालय स्थापित करने या विवाद का स्थायी समाधान निकालने की मांग की है।
शिक्षा विभाग ने क्या कहा?
शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार मामले की समीक्षा की जा रही है। विद्यार्थियों की पढ़ाई जारी रखने के लिए उन्हें निकटवर्ती सरकारी विद्यालयों में अस्थायी रूप से टैग (समायोजित) करने के विकल्प पर विचार किया जा रहा है।




