
देवघर ऐम्स में लिम्फेटिक फाइलेरियासिस (हाथी पांव) रोकथाम हेतु सामूहिक औषधि सेवन (MDA) अभियान का विधिवत शुभारंभ किया गया। यह अभियान 10 से 25 फरवरी 2025 तक चलेगा, जिसका उद्देश्य इस गंभीर बीमारी को जड़ से समाप्त करना है। इस अवसर पर ऐम्स देवघर में कार्यक्रम का उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया, जिसमें संस्थान के वरिष्ठ चिकित्सक, संकाय सदस्य, छात्र (चिकित्सा एवं नर्सिंग), निवासी चिकित्सक, नर्सिंग अधिकारी एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में ऐम्स के कार्यकारी निदेशक और सीईओ प्रो. (डॉ.) सौरभ वार्ष्णेय,प्रो. (डॉ.) हरमिंदर सिंह (डीन, अकादमिक), प्रो. (डॉ.) सत्य रंजन पात्र (चिकित्सा अधीक्षक) ने अपने संबोधन में MDA अभियान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए इसे लिम्फेटिक फाइलेरियासिस के उन्मूलन हेतु एक प्रभावी कदम बताया। कार्यक्रम का उद्घाटन प्रो. (डॉ.) सौरभ वार्ष्णेय द्वारा किया गया. उन्होंने इस जनहितकारी अभियान में छात्रों, संकाय सदस्यों एवं चिकित्सा कर्मियों की सक्रिय भागीदारी पर जोर दिया।

तकनीकी सत्र में “फाइलेरिया रोकथाम एवं MDA का महत्व” विषय पर डॉ. बिजित बिस्वास, सहायक प्रोफेसर, सामुदायिक एवं पारिवारिक चिकित्सा विभाग एवं MDA अभियान के समन्वयक द्वारा व्याख्यान दिया गया। उन्होंने इस रोग के रोकथाम में MDA की प्रभावशीलता पर विस्तृत जानकारी दी।
इसके बाद, संस्थान के संकाय सदस्य, छात्र एवं स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा औषधि सेवन कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें सभी उपस्थित लोगों ने दवा का सेवन कर इस अभियान की सफलता हेतु प्रतिबद्धता दर्शाई।
एआईआईएमएस देवघर में यह अभियान 25 फरवरी 2025 तक चलेगा। AIIMS देवघर के ओपीडी (OPD) और आयुष (AYUSH) विभाग में MDA दवा उपलब्ध है। सभी पात्र व्यक्तियों से अनुरोध किया गया है कि वे इस अभियान में सम्मिलित होकर चिकित्सकीय देखरेख में दवा का सेवन करें एवं लिम्फेटिक फाइलेरियासिस उन्मूलन में अपना योगदान दें।