Breaking News
सुप्रीम कोर्ट का फैसला- राज्यसभा चुनाव में NOTA का नहीं होगा इस्तेमाल  |  सावन की चौथी और अंतिम सोमवारी आज-देवघर मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़-देर रात से ही मंदिर से मीलों लंबी लग गई थी श्रद्धालुओं की कतार  |  सावन की चौथी सोमवारी में देवघर मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़-देर रात से ही मंदिर से मीलों लंबी लग गई थी श्रद्धालुओं की कतार  |   सावन की तीसरी सोमवारी-देवघर मंदिर में उमड़ा आस्था का केसरिया सैलाब  |  जब आईएसआई चीफ हामिद गुल से मुलाकात हो गई  |  झारखंड हाईकोर्ट ने वर्तमान और पूर्व खान सचिव को तलब किया  |  JAC 10th Result 2018: जानिये झारखण्ड कक्षा 10वीं रिजल्ट से जुड़े जरुरी फैक्ट्स  |  वेतन मिलने पर काम पर लौटे 250 हड़ताली सफाईकर्मी, 14 वार्डों में काम हुआ प्रभावित  |  Jharkhand makes autopsy must in ‘starvation’ deaths, reiterates Giridih woman did not die of hunger  |  In Jharkhand, French Woman Allegedly Molested On Train  |  
राष्ट्रीय
धनंजय भारती 20/08/2018 :
सावन की चौथी और अंतिम सोमवारी आज-देवघर मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़-देर रात से ही मंदिर से मीलों लंबी लग गई थी श्रद्धालुओं की कतार
Total views 164
श्रावणी मेला की चौथी और अंतिम सोमवारी पर देवघर के बाबा मंदिर में श्रद्धालुओं की अपार भीड़ उमड़ी है।देर रात से ही सोमवारी के पावन अवसर पर पवित्र कामना लिंग के जलार्पण के लिए श्रद्धालुओं की अप्रत्याशित भीड़ जुटने लगी थी।श्रावण शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि और सोमवार होने के कारण इसे अमृत योग माना जा रहा है।

इस सुखद संयोग के कारण पवित्र द्वादश ज्योतिर्लिंग के जलार्पण का यह उत्तम अवसर माना जा रहा है।ऐसी मान्यता है कि आज पवित्र द्वादश ज्योतिर्लिंग के जलार्पण से अमृत जैसे फल की प्राप्ति होती है।यही कारण है कि आज जलाभिषेक के लिए देवघर में श्रद्धालुओं की अप्रत्याशित भीड़ उमड़ी है।जानकारों के अनुसार  श्रावण मास के प्रत्येक सोमवार को समुद्र मंथन से अदभुत रत्न की प्राप्ति हुई थी।श्रावण की चौथी सोमवारी को समुद्र मंथन से देवताओं को लक्ष्मी की प्राप्ति हुई थी।जानकारों के अनुसार लक्ष्मी चंचला होती है,लेकिन भगवान विष्णु के साथ लक्ष्मी का स्थिर स्वरुप है।ऐसी मान्यता है कि आज पवित्र द्वादश ज्योतिर्लिंग के जलार्पण से याचक को स्थिर लक्ष्मी के सुख,वैभव और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है।अप्रत्याशित भीड़ को व्यवस्थित तरीक से जलार्पण कराने के लिए प्रशासन द्वारा भी पूरी व्यवस्था की गई है।इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर रुट लाईन सहित मंदिर परिसर में व्यवस्था बनाये रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है।आज दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं द्वारा जलार्पण की उम्मीद की जा रही है-

देवघर से धनंजय भारती।



झारखंड की बड़ी ख़बरें
»»
Video
»»
संपादकीय
»»
विशेष
»»
साक्षात्कार
»»
पर्यटन
»»


Copyright @ Jharkhand Life