Breaking News
सुप्रीम कोर्ट का फैसला- राज्यसभा चुनाव में NOTA का नहीं होगा इस्तेमाल  |  सावन की चौथी और अंतिम सोमवारी आज-देवघर मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़-देर रात से ही मंदिर से मीलों लंबी लग गई थी श्रद्धालुओं की कतार  |  सावन की चौथी सोमवारी में देवघर मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़-देर रात से ही मंदिर से मीलों लंबी लग गई थी श्रद्धालुओं की कतार  |   सावन की तीसरी सोमवारी-देवघर मंदिर में उमड़ा आस्था का केसरिया सैलाब  |  जब आईएसआई चीफ हामिद गुल से मुलाकात हो गई  |  झारखंड हाईकोर्ट ने वर्तमान और पूर्व खान सचिव को तलब किया  |  JAC 10th Result 2018: जानिये झारखण्ड कक्षा 10वीं रिजल्ट से जुड़े जरुरी फैक्ट्स  |  वेतन मिलने पर काम पर लौटे 250 हड़ताली सफाईकर्मी, 14 वार्डों में काम हुआ प्रभावित  |  Jharkhand makes autopsy must in ‘starvation’ deaths, reiterates Giridih woman did not die of hunger  |  In Jharkhand, French Woman Allegedly Molested On Train  |  
राष्ट्रीय
TRIPURARI RAY 13/06/2018 :
सुल्तानपुर गउशाला में सडक़ के विरोध में डीसी को ज्ञापन
Total views 430
गुरुग्राम गुरुग्राम की सुल्तानपुर गउशाला में बीच से निकाली जा रही सडक़ के विरोध में मंगलवार को गउशाला कमेटी के सदस्य एवं शहर के बुद्विजीवी लोगों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम पर डीसी को ज्ञापन सौंपा।

लोगों ने इसका विरोध करते हुए सरकार से इस अधिग्रहण को वापस लेने व गउशाला को उजाडऩे से बचाने की मांग की है। गउशाला कमेटी के सदस्यों का कहना है कि गउशाला गुरुग्राम एक प्राचीन गउशाला है जिसका निर्माण 1906 में हुआ था। गुरुग्राम गउशाला में गौ की संख्या अधिक होने तथा जगह की परेशानी के चलते ग्राम सुलतानपुर (फरूखनगर) में करोड़ों रुपये की लागत से वर्षों पहले गउशाला का विस्तार किया गया था जो आज भी प्रदेश की प्रमुख गउशालाओं में से एक है। इसमें आज भी लगभग 1500 से अधिक गउ की संख्या है और इसकी गउशाला कमेटी द्वारा बहुत अच्छी देख-रेख की जाती है। 2013 में नये भूमि अधिग्रहण के तहत तत्कालीन सरकार ने 31/ 12/2013 में गऊ शाला को भूमि अधिनियम के सैकशन 4 के नोटिस जारी किए जो कि वास्तव मे हर तरीके से गलत है व गैर कानूनी है जिस दिन ये नोटिफिकेशन हुआ उस दिन प्रदेश मे नया भुमि अधिनियम कानून लागू हो गया था। प्रशासनिक अधिकारियों की मिली भगत के चलते जान बूझकर इसे दिनांक 31/12/ 2013 में दिखाया गया ताकी इसे ठीक माना जाये। यह नोटिफिकेशन सैक्टर-1 फरूखनगर के लिए किया गया था जिसमें दिसम्बर 2014 मे सेक्शन 6 का नोटिस दिया गया था। यह पूरी तरह से गैर कानूनी था बाद मे अपनी गलती का एहसास होने पर हुड्डा विभाग ने लगभग 16 एकड़ को छोडकऱ बाकी समस्त भूमि को डिनोटिफिकेशन कर अधिग्रहण से मुक्त कर दिया गया। लेकिन उसमे से सुल्तानपुर गांव कि लगभग 4 एकड़ जमीन अधिग्रहण की जिस मे गऊशाला के सभी पक्के शेड व कर्मचारियों के कमरे, एक बड़ा गेट जो कि अधिग्रहण कि कारवाई से पहले बने हुए है उन को एनवायरनमेंट मे दिखाया गया है। प्रशासन गऊ शाला के भवन को तोडकर कोई सडक़ बनाने पर विचार कर रहे है। जबकि गउशाला के साथ लगी जमीन को अधिग्रहण नही किया जा रहा है। प्रशासन गलत नीतियों के चलते इस  गउशाला को तोडऩे पर उतारू है। यह किसी भी तरीके से जनहित में नहीं है। यह निर्णय सैकड़ों गउभक्त एवं गउशाला में आस्था रखने वाले लोगों की विचारधारा के बिल्कुल खिलाफ है। मुख्यमंत्री से मांग है कि जनहित में मामले पर संज्ञान लेते हुए गउशाला को तोडऩे से बचाए।



झारखंड की बड़ी ख़बरें
»»
Video
»»
संपादकीय
»»
विशेष
»»
साक्षात्कार
»»
पर्यटन
»»


Copyright @ Jharkhand Life